Wednesday, 29 June 2016

है गुनगुनाते भँवरे झूमते वन उपवन

फूलों से बगिया खिली छाया हर्षोल्लास
धूम मचाने अब यहाँ आया है मधुमास
है गुनगुनाते भँवरे झूमते वन  उपवन 
चहुँ ओर छाई बहार पिया मिलन की आस

रेखा जोशी