Monday, 24 July 2017

खुशियाँ लेकर तब घर आँगनफिर आई नन्ही परी

याद है जब मिले थे हम तुम वो प्यारी सी मुलाकात
प्रीत तेरी  ने  दिल मे जगाये  थे   प्यार भरे जज़्बात
खुशियाँ लेकर तब घर आंगन फिर आई इक नन्ही परी
सारा जग अब जान गया है ,तेरी -मेरी-उसकी बात

रेखा जोशी

Saturday, 15 July 2017

मुक्तक

महिमा प्रभु की सदा मै गाती  रहूँ
शीश  अपना सदा मै  नवाती  रहूँ
जन जन  में  देखूँ  रूप मै  तुम्हारा
ख़ुशी सबके जीवन  में  लाती रहूँ
,

 है खिल खिल गये उपवन महकाते संसार
 फूलों  से  लदे  गुच्छे   लहराते  डार   डार
सज रही रँग बिरँगी पुष्पित सुंदर  वाटिका
भँवरें  अब   पुष्पों  पर  मंडराते  बार  बार

रेखा जोशी

Friday, 14 July 2017

सावन

सावन बरसा झूम के भीगा तन मन आज
पेड़ों   पर झूले पड़े  बजे   है मधुर  साज़
आई   बरसात  भीगे    से  अरमान लेकर
है भाया  आज भीगे  मौसम  का अंदाज़

रेखा जोशी

जाग जाओ देश मिलकर है बचाना

जाग जाओ देश मिलकर है बचाना
नींद में सोये हुओं को  है जगाना

साँस दुश्मन को मिटा कर आज लेंगे
साथ मिलकर है बुराई  को मिटाना

मिट गये है देश पर लाखो सिपाही
फौज की हिम्मत सभी को है बढ़ाना

देश के दुश्मन छिपें घर आज  अपने
पाठ उनको ढूँढ कर अब है पढ़ाना

दूर सीमा पर रहे सेना हमारी
पाक को अबतो सबक मिलकर सिखाना

रेखा जोशी

Thursday, 13 July 2017

गीतिका

गीतिका

( विजात छंद-1222 1222 समान्त-आई, पदांत-है )

घटा घनघोर छाई है
पिया की याद लाई  है
,
सखी झूले पड़े अँगना
सजन से अब जुदाई है
,
कहाँ हो  दूर तुम हमसे
यहाँ महफ़िल सजाई है
,
बिना तेरे  पिया अब तो
हमें  दुनिया न भाई है
,
मिला जब  प्यार जीवन मे
खुशी  भी संग  आई है

रेखा जोशी

है जननी जन्म भूमि हमारी

है जननी
जन्म भूमि हमारी
प्राणों  से भी
यह हमें प्यारी
अरे भारत उठ आँखे खोल
धरा रही है डोल
दुर्दशा देख किसानों की
इधर
मर रहे यहाँ वह
उधर
चले सीमा पर गोली
हाथ बंधे सिपाही के
और
पत्थरबाजी कश्मीर में
हद पार कर दी
आतंक के दरिंदों ने
मौत की नींद
सुला दिया
भोलेनाथ के भक्तों को
फड़क रही भुजाएं आज
खून खौलता रगों मेंअब
खुल गई पाक के
नापाक इरादों की अब पोल
अरे भारत! उठ ,आँखे खोल
देश अपना रहा बुला
अरे  भारत!उठ,आँखे खोल

रेखा जोशी

Sunday, 9 July 2017

गुरुवर महान

बहने लगी
ज्ञान की गंगा
आते ही
आषाढ़ मास की पूर्णिमा
शत शत करते
नमन
बांचते ज्ञान
गुरुवर महान
थे रचे वेद चारो
लबालब ज्ञान से
परम् ज्ञानी मुनि
व्यास ने
गुरु पूर्णिमा से
वन्दन कर प्रभु का
शत शत करते
नमन
प्रभु का
दिया जो हमे वरदान
गुरुवर भेजा धरा पर
राह दिखाता जीवन में
शत शत नमन
करते
गुरुवर का
मार्गदर्शक बन
जीना सिखाता
बारम्बार
नमन करते
गुरुवर महान
गुरुवर महान

रेखा जोशी