Friday, 26 May 2017

रिश्ते पनपते जहां प्यार हो आधार

रिश्ते  पनपते जहां  प्यार  हो आधार
बीत गये दिन कभी रिश्तों में था प्यार
रिश्तों  में उगने  लगी आज  नागफनी
जीवन का समझ मे आता है अब सार

रेखा जोशी

प्यार बिन नैन खोते हमारे

212 212 2122

प्यार   बिन  चैन  खोते हमारे
याद    में   नैन   रोते    हमारे
जी लिये चार दिन ज़िन्दगी के
काश   तुम   संग  होते  हमारे

रेखा जोशी

राजनीति करते नेता कैसे कैसे हमारे


राजनीति  करते  नेता  कैसे  कैसे हमारे
भाई भाई को  लड़ाते  यहाँ  कैसे सुधारें
अपने फायदे के लिये कराते दंगा फसाद
सोचे जनता अपने भारत को कैसे सँवारे

रेखा जोशी

Thursday, 25 May 2017

ग़ज़ल

1222 1222

सजन इकरार कर लेना
हमारा प्यार पढ़ लेना
,
खिला उपवन रँगी मौसम
नज़ारे  यार  पढ़   लेना
,,
निगाहों में समाये तुम
हमें दिलदार पढ़ लेना
,,
लिखा है नाम हाथों पर
हिना के पार पढ़ लेना
,,
पुकारते कँगन तुम को
पिया इज़हार पढ़ लेना

रेखा जोशी

है संघर्ष यह जीवन


है संघर्ष यह जीवन 
कब गुज़रा बचपन
याद नही
आया होश जब से
तब  से
हूँ भाग रहा
संजों रहा खुशियाँ
सब के लिए
थे अपने कुछ थे पराये
उम्र के इस पड़ाव में
आज निस्तेज
बिस्तर पर पड़ा 
हूँ समझ रहा 
अपनों को और परायों को
था कल भी
हूँ आज भी
संघर्षरत
तन्हा सिर्फ तन्हा

रेखा जोशी

गुड़ गुड़ हुक्का पीता ताऊ यहाँ पर

दूध   दही  जमाये   ताई   गांव  में
कूप  से  जल  लाये  ताई   गांव में
गुड़ गुड़ हुक्का पीता ताऊ यहाँ पर
चारपाई    बिछाये  ताई   गांव   में

रेखा जोशी

Wednesday, 24 May 2017

खुशनसीब हूँ तेरा सहारा मिला


साथ जब से हमें है तुम्हारा मिला
डूबते हुए  को अब किनारा मिला
है मिली खुशी जीवन मे तुमसे ही
खुशनसीब  हूँ तेरा  सहारा  मिला

रेखा जोशी